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रक्षा लेखा (दक्षिण पश्चिमी कमान) के प्रधान नियंत्रक, जयपुर

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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, जयपुर 1984 में क्षेत्रीय लेखा कार्यालय के रूप में प्रारम्भ किया गया था। दिनांक 01.08.2005 को जयपुर में दक्षिण पश्चिमी कमान के गठन के फलस्वरूप तत्पश्चात रक्षा लेखा नियंत्रक (दक्षिण पश्चिमी कमान) के रूप में अभ्युत्थान किया गया ।  इसके बाद नवम्बर -2006 में इस कार्यालय को रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण पश्चिमी कमान) में उन्नत किया गया। रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण पश्चिमी कमान) का भौगोलिक क्षेत्राधिकार मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी कमान के अधिकार क्षेत्र से मेल खाता है जिसके अंतर्गत  राजस्थान का बड़ा हिस्सा तथा हरयाणा और पंजाब का कुछ हिस्सा भी आता है।  रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण पश्चिमी कमान) के क्षेत्राधिकार के अंदर निम्नलिखित अधीनस्थ कार्यालय हैं जो राजस्थान, पंजाब तथा हरयाणा में स्थित हैं।

1.       9 क्षेत्रीय लेखा कार्यालय

2.       1 लेखा अधिकारी एन.सी.सी. निदेशालय में पदस्थापित हैं।

3.       3 सहायक स्थानीय लेखा कार्यालय

4.       17 लेखा अधिकारी, दुर्ग अभियंता कार्यालय

5.       2 सहायक लेखा अधिकारी/बी एस ओ

रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण पश्चिमी कमान) जयपुर संगठन भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत रक्षा लेखा विभाग का एक महत्वपूर्ण कार्यालय है। इस कार्यालय के प्रमुख रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक हैं तथा यह कार्यालय निम्न महत्वपूर्ण कार्य निष्पादित करता है।

डिफेंस सिविलियन (अधिकारी एवं कर्मचारी) के वेतन एवं भत्तों से संबन्धित बिलों के वर्गीकरण, लेखा एवं भुगतान, विविध भत्ते, फुटकर खर्च, भंडार के बिलों का भुगतान, आपूर्ति तथा कार्य से जुड़े सभी कार्य, भंडार तथा एम.ई.एस. लेखों का स्थानीय लेखांकन, तथा इसके क्षेत्राधिकार के अंदर यूनिटों और फोर्मेसनों के नकद लेखों का निरीक्षण कार्य किया जाता है।

यूनिटों तथा फोर्मेसनों को वित्तीय सलाह

एम.ई.एस. सहित सभी सेना फोर्मेसनों का लेखांकन तथा आंतरिक लेखा परीक्षा। रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक कार्यालय लेखा से संबन्धित यह भी सुनिश्चित करता है कि सेना प्राधिकारियों के आवश्यकतानुसार वित्तीय उपयुक्तता के सिद्धांतों के अनुसार, स्थानीय नियंत्रित हेड के अंतर्गत व्यय का व्यवस्थित पुनर्विलोकन किया जाए।